गायत्री मंत्र

 ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात्।।

सत्, चित्, आनंदस्वरूप और जगत् के स्रष्टा ईश्वर के सर्वोत्कृष्ट तेज का हम ध्यान करते हैं। वे हमारी बुद्धि को शुभ प्रेरणा दें। (यजुर्वेद ३६।३)

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